* कारोबार में लाभ और नौकरी में प्रमोशन दिलाती हैं।
मिट्टी के बर्तन में जौ के बीज बोएं और नवमी तक प्रति दिन पानी का छिड़काव करें।
इस तरह नवरात्रि के पूरे दिनों में मां की आराधना करें।
तांत्रिक अनुष्ठान: इस समय में विशेष तांत्रिक अनुष्ठानों का महत्व होता है। यह अनुष्ठान केवल योग्य गुरु के मार्गदर्शन में करें।
शनिवार से गुप्त नवरात्रि, कैसे करें पूजा, जानें विधि और पूजन सामग्री
इस दौरान क्या करना चाहिए, क्या नहीं पूजा विधि क्या है, जानते हैं सब डिटेल में.
Your browser isn’t supported anymore. Update it to more info find the greatest YouTube experience and our most recent features. Learn more
घट (कलश) स्थापना नवरात्रि पूजा का प्रथम और सबसे महत्वपूर्ण चरण है। यह शुभता, ऊर्जा, और देवी दुर्गा की उपस्थिति का प्रतीक है।
गुप्त नवरात्रि के अनुष्ठान व्यक्ति के जीवन से संकट, आर्थिक कठिनाइयों और मानसिक तनाव को दूर करने में सहायक होते हैं।
गुप्त नवरात्रि में करें ये साधना, जो चाहोगे वो मिलेगा
देवी की कृपा से जीवन से नकारात्मक ऊर्जाओं का नाश होता है।
कलश के ऊपर नारियल रखें। नारियल को लाल वस्त्र में लपेटकर कलावा से बांधें।
मां की आरती गाएं, उन्हें फूल, अक्षत चढ़ाएं और बेदी से कलश को उठाएं।
कलश के मुख पर आम या अशोक के पत्ते लगाएं।
मंत्र साधना के लिए एकांत और शांत स्थान चुनें।